लालीगुरांश (सिर्जना भण्डारी)
आज मुड आशिकाना बना है
पर तुम पाश नहीं, जानम
काश तुम मेरे साथ होते
दिलसे दिल लगानेकी बातें होती
प्यारसे प्यार बढानेकी यादे होती
हस्ने और हसानेकी नुस्खे होती
रोने और रुलानेकी भावनाएं होती
काश तुम मेरे पाश होते
एक दुजेके हाथोमे हाथ होती
प्यारको प्यारका बेफिक्र सहारा मिलती
कभि नछुट्नेका कसमे वादे होती
दिलसे दिल लगानेकी बातें होती
प्यारसे प्यार बढानेकी यादे होती
काश तुम मेरे साथ होते
एकदुसरेमे खोनेकी चाहत पुरी होती
एकदुसरेको पानेकी तमन्ना पुरी होती
हस्ने और हसानेकी नुस्खे होती
रोने और रुलानेकी भावनाएं होती
काश तुम मेरे साथ होते
दिलसे दिल लगानेकी बातें होती
प्यारसे प्यार बढानेकी यादे होती ।
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